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राजà¥à¤¯à¤•े सरकारी असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤²à¥‹à¤‚ में जलà¥à¤¦ ही महिलाओं के लिठगरà¥à¤ निरोधक इंजेकà¥à¤¶à¤¨ मà¥à¤«à¥à¤¤ में मिलेगा। इसके लिठइससे जà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡ वाले लोगों का पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ हो चà¥à¤•ा है। दो से तीन महीने में गरà¥à¤ निरोधक इंजेकà¥à¤¶à¤¨ उपलबà¥à¤§ हो जाà¤à¤—ा। गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• इंजेकà¥à¤¶à¤¨ से तीन महीने तक गरà¥à¤ नहीं ठहरेगा जबकि कॉपर-टी लगाने से à¤à¥€ अनचाहे गरà¥à¤ से निजात मिल सकती है। अà¤à¥€ सरकारी असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤²à¥‹à¤‚ में गरà¥à¤ निरोधक के तौर पर टैबलेट (ओरल कानà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ पिलà¥à¤¸), कॉपर-टी (आईयूसीडी), कंडोम, महिला और पà¥à¤°à¥à¤· नसबंदी की सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ है।
कॉपर-टी को लेकर महिलाओं में कई तरह की à¤à¥à¤°à¤¾à¤‚तियां हैं। à¤à¤¨à¤à¤®à¤¸à¥€à¤à¤š की सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ रोग विशेषजà¥à¤ž डॉ. अमिता सिनà¥à¤¹à¤¾ का कहना है कि कॉपर-टी लगाने से कतई कैंसर नहीं होता है। महिलाओं की सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤‚ग करके ही कॉपर-टी लगाया जाता है और महिला अपने इचà¥à¤›à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° उसे निकलवा सकती है। वे गà¥à¤°à¥à¤µà¤¾à¤° को गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² हेलà¥à¤¥ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤œà¥€à¤œ की ओर से आयोजित कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® को संबोधित कर रही थीं। पॉलिसी मेकरà¥à¤¸ फोरम फाॅर हेलà¥à¤¦à¥€ ईसà¥à¤Ÿ के कोआॅरà¥à¤¡à¤¿à¤¨à¥‡à¤Ÿà¤° कà¥à¤‚तल कृषà¥à¤£ ने कहा महिलाओं के बीच जाकर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जागरूक करने की जरूरत है। पूरà¥à¤µ-मधà¥à¤¯ रेलवे के सेंटà¥à¤°à¤² सà¥à¤ªà¤° सà¥à¤ªà¥‡à¤¶à¤¿à¤à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ की सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ रोग विशेषजà¥à¤ž डॉ. रंजना सिनà¥à¤¹à¤¾ का कहना है कि विशà¥à¤µ में हर मिनट में 250 बचà¥à¤šà¥‡ पैदा होते हैं।
देश में बिहार तीसरे नंबर पर है। बिहार की महिलाà¤à¤‚ सिरà¥à¤« नसबंदी कराती हैंै। बिहार में पà¥à¤°à¥à¤· नसबंदी का फीसदी शूनà¥à¤¯ है। यहां सिरà¥à¤« महिलाà¤à¤‚ ही नसबंदी कराती हैं। बिहार में 20.7 फीसदी महिलाà¤à¤‚ परिवार नियोजन कराती हैं। पà¥à¤°à¥à¤· नसबंदी सबसे आसान है। पांच मिनट में नसबंदी हो जाती है। इसका कोई साइड इफेकà¥à¤Ÿ à¤à¥€ नहीं है। इस मौके पर निदेशक सà¥à¤•ृति चौहान, पà¥à¤°à¤¬à¤‚धक संजय सà¥à¤®à¤¨, अरà¥à¤šà¤¨à¤¾ कà¥à¤®à¤¾à¤°à¥€, राहà¥à¤² शरà¥à¤®à¤¾ ने à¤à¥€ संबोधित किया।
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